My Whatsapp Channel
https://whatsapp.com/channel/0029VaRKkjQKrWQxvVffX40W
रविवार, 16 अक्टूबर 2022
गुरुवार, 6 अक्टूबर 2022
सोमवार, 3 अक्टूबर 2022
बुधवार, 31 अगस्त 2022
Bhadra pad Shukla Bhadra Shubh
शुक्ल पक्ष की चतुर्थी व एकादशी तथा कृष्ण पक्ष की तृतीया व दशमी तिथि वाली भद्रा दिन में शुभ होती है, केवल रात्रि में अशुभ होती है। - शुक्ल पक्ष की अष्टमी व पूर्णिमा तथा कृष्ण पक्ष की सप्तमी व चतुर्दशी तिथि वाली भद्रा रात्रि में शुभ होती है, केवल दिन में अशुभ होती है।
भद्रा में भूलकर न करें ये काम
कैसे हुई भद्रा की उत्पत्ति -
पौराणिक कथाओं के अनुसार दैत्यों को मारने के लिए सूर्यदेव और उनकी पत्नी छाया से गर्दभ (गधा) के मुख और लंबी पूंछ और तीन पैर युक्त भद्रा उत्पन्न हुई. जन्म लेते ही भद्रा यज्ञों में विघ्न पहुंचाने लगी और मंगल-कार्यों में उपद्रव करने लगी तथा जगत को पीड़ा पहुंचाने लगी.
पौराणिक कथाओं के अनुसार दैत्यों को मारने के लिए सूर्यदेव और उनकी पत्नी छाया से गर्दभ (गधा) के मुख और लंबी पूंछ और तीन पैर युक्त भद्रा उत्पन्न हुई. जन्म लेते ही भद्रा यज्ञों में विघ्न पहुंचाने लगी और मंगल-कार्यों में उपद्रव करने लगी तथा जगत को पीड़ा पहुंचाने लगी.
..
भद्रा का मतलब क्या होता है?
भद्रा का मतलब क्या होता है?
यूं तो 'भद्रा' का शाब्दिक अर्थ है 'कल्याण करने वाली' लेकिन इस अर्थ के विपरीत भद्रा या विष्टि करण में शुभ कार्य निषेध बताए गए हैं। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार अलग-अलग राशियों के अनुसार भद्रा तीनों लोकों में घूमती है। जब यह मृत्युलोक में होती है, तब सभी शुभ कार्यों में बाधक या या उनका नाश करने वाली मानी गई है।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
LIFE
अधिकमास मे भी नामकरण कर सकते है आइये जानते है 🙏
प्रश्न:-? kya mool shanti adhikmaas me karakar namkaran sanskar kara sakte hai ? जी हां, मूल शांति कराकर नामकरण संस्कार किया जा सकत...
*Shri pragya services*🇮🇳 Whatsapp _*+91-9685126801**Call 🤳🏻_*+91-6263902970* 👉ONLINE INTERACTIV
-
✍️बंधुओ सरकार के पास जनता के स्वास्थ्यय के लिए जो फण्ड रहता है वो फण्ड स्वास्थ्यय विभागों मे दिया जाता है लेकिन योग के माध्यम से सरकार के य...
-
उत्तर प्रदेश बरेली जिला के गंज गांव में वर पक्ष की मांगो से आश्चर्यचकित हुआ वधु परिवार, विवाह पूर्व एक लड़के की अनोखी मांगों से लड़की वाले...




.jpeg)
